
कुंडली मिलान – अष्टकूट गुण मिलान (36 गुण)
वर और वधू के जन्म विवरण से आठों कूटों का मिलान करें, साथ में नाड़ी, भकूट और मंगल दोष की जाँच।
ये परिणाम लहिरी अयनांश के साथ शास्त्रीय वैदिक नियमों पर आधारित हैं। ये केवल मार्गदर्शन के लिए हैं; जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए किसी विद्वान ज्योतिषी से परामर्श लें और अपने गुरु के मार्गदर्शन पर भरोसा रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अष्टकूट गुण मिलान क्या है?
इसमें वर-वधू की चंद्र राशि और जन्म नक्षत्र को आठ कूटों – वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी – में मिलाकर कुल 36 गुणों में आँका जाता है।
कितने गुण अच्छे माने जाते हैं?
परंपरा के अनुसार 18 या अधिक स्वीकार्य, 25 या अधिक अच्छे और 33 या अधिक उत्तम माने जाते हैं। दोष और पूर्ण कुंडलियाँ भी देखनी चाहिए।
नाड़ी दोष और मंगल दोष क्या हैं?
दोनों की नाड़ी एक होने पर नाड़ी दोष होता है, जो स्वास्थ्य और संतान से जुड़ा है। कुछ भावों में मंगल होने से मंगल दोष बनता है; दोनों में हो तो संतुलित माना जाता है।